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स्वतंत्रता दिवस 2017 : माननीय मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह का जनता के नाम संदेश -पुलिस परेड मैदान , रायपुर

रायपुर 15 अगस्त 2017

जम्मो संगी-जहुंरिया, सियान-जवान, दाई-बहिनी अउ लइका मन ला सुराजी तिहार के गाड़ा-गाड़ा बधाई। ए पावन बेरा म सबले पहिली अमर सहीद मन ल सुमिरत हंव। जम्मो पुरखा मन ल सरधा-फूल अरपन करत हंव।
आज हम अपनी आजादी की सत्तरवीं साल-गिरह मना रहे हैं। सबसे पहले मैं उन अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा को सबसे बड़ा कर्तव्य समझा और हमारा भविष्य संवारने के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। उन सभी मनीषियों को सादर नमन करता हूं, जिन्होंने देश के विकास के लिए अपना जीवन समर्पित किया।
बहनों और भाइयों, यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शी सोच और साहसिक निर्णयों के कारण देश में अभूतपूर्व उत्साह, कर्तव्य-परायणता और नए-नए कीर्तिमान स्थापित करने का शानदार वातावरण बना है। अनेक उपलब्धियों के कारण भारतवासियों का चेहरा राष्ट्र-गौरव और स्वाभिमान की शान से दमक रहा है। विदेशों में रहने वाले भारतवंशी भी अपनी मातृभूमि पर नाज कर रहे हैं। नई खनिज नीति से लेकर 106 उपग्रहों के एक साथ प्रक्षेपण तक, धरती से आसमान तक हर क्षेत्र में सफलताएं दर्ज हुई हैं। यह जन-हितकारी और देश-हितकारी विकास का नया दौर है। सुधार, सुशासन और पारदर्शिता के ठोस कदमों से ‘सबका साथ, सबका विकास’, इस नए दौर की नई इबारत है। प्रधानमंत्री जी ने तो वर्ष 2022 की रूपरेखा भी देश के सामने रख दी है, कि जब भारत आजादी की पचहत्तरवीं साल-गिरह मनाएगा, तो नए भारत की तस्वीर कैसी होनी चाहिए? भारत छोड़ो आंदोलन की पचहत्तरवीं वर्षगांठ के अवसर पर उन्होंने ‘संकल्प से सिद्धि’ का आव्हान किया है। आइये, हम सब संकल्प लें कि भारत को स्वच्छ, गरीबी मुक्त, भ्रष्टाचार मुक्त, आतंकवाद मुक्त, सम्प्रदाय और जातिवाद मुक्त बनाएंगे। 
रियासतों के विलीनीकरण से देश के राजनीतिक एकीकरण का मार्ग भारत रत्न सरदार वल्लभ भाई पटेल ने प्रशस्त किया था। उसी तरह जी.एस.टी. लागू करके देश के आर्थिक एकीकरण का सपना प्रधानमंत्री जी ने पूरा किया है। छत्तीसगढ़ में हमने तत्काल प्रभाव से परिवहन नाके हटाकर अपनी भागीदारी निभाने की शुरूआत कर दी है। अन्त्योदय और एकात्म मानव दर्शन के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय की जन्म शताब्दी मनाते हुए राज्य में एक विशेष योजना शुरू की है, जिससे हम कमजोर तबकों के कल्याण संबंधी विचार और योजनाएं जन-जन तक पहुंचाएंगे।
सात दशकों के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है, जब हमारे अन्नदाताओं की आय सन् 2022 तक दोगुनी करने के लिए समयबद्ध कार्यक्रम बनाया गया है, जिसके अनुसार मिट्टी के नमूनों का विश्लेषण करने हेतु 43 लाख से अधिक किसानों को ‘सॉइल हेल्थ कार्ड’ वितरित किए गए हैं। 5 जिलों तथा 22 जिलों के एक-एक विकासखण्ड को जैविक खेती हेतु चुना गया है। 782 कृषि यंत्र सेवा केन्द्र स्थापित किए गए हैं। ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ अभियान के तहत बड़े किसानों को 50 प्रतिशत तथा लघु एवं सीमांत किसानों को 70 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। प्रमाणित बीज उत्पादन और वितरण के साथ ही, सब्जी रोपणी प्रदाय हेतु 17 ‘वेजिटेबल सीडलिंग प्रोडक्शन यूनिट’ की स्थापना की गई है। मछली पालन के लिए ‘नील क्रांति’ योजना में 50 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है।
किसानों तथा अमानतदारों को आधुनिक बैंकिंग सेवाओं का लाभ देने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक में जिला सहकारी बैंकों का संविलयन करने का निर्णय लिया गया है। इस वर्ष शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर 38 सौ करोड़ रू. के कृषि ऋण वितरण का ऐतिहासिक लक्ष्य रखा गया है, जो किसानों के निरंतर आर्थिक सशक्तीकरण का प्रमाण है। 10 लाख से अधिक किसानों को
‘रूपे केसीसी’ कार्ड वितरित करने में भी छत्तीसगढ़ देश का अव्वल राज्य है, जिसके माध्यम से किसान भाई किसी भी स्थान के, किसी भी बैंक से राशि आहरित कर सकते हैं।
किसानों का धान समर्थन मूल्य पर खरीदने की हमारी व्यवस्था की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना हुई है। इस वर्ष सर्वाधिक 13 लाख 28 हजार किसानों से, लगभग 70 लाख मीट्रिक टन धान खरीदकर, 10 हजार 317 करोड़ रूपए का भुगतान उनके बैंक खातों में कैशलेस तरीके से किया गया है। किसानों को 7500 यूनिट बिजली निःशुल्क दी जा रही है। बिजली पहुंचविहीन खेतों में ‘सौर सुजला योजना’ के तहत 51 हजार सोलर पम्प देने का लक्ष्य है, जिसमें से 12 हजार किसानों को यह सुविधा दी जा चुकी है। 
‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ किसानांे के लिए वरदान साबित हुई है। खरीफ 2016 में 14 लाख से अधिक किसानों के 23 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को बीमित किया गया था, जिसमें से 95 हजार किसानों को बीमा दावे के रूप में 126 करोड़ रू. का भुगतान किया गया है। यह योजना उद्यानिकी फसलों के लिए भी लागू कर दी गई है।
ग्रामीण जनता और किसान भाई-बहनों की सुविधा के लिए सभी तहसीलों में ‘लोक सेवा केन्द्र’ स्थापित किए गए हैं। साथ ही भूमि के अभिलेखों की डिजिटल हस्ताक्षरित कम्प्यूटरीकृत नकल, कभी भी-कहीं से भी, निःशुल्क प्राप्त करने की नई व्यवस्था लागू की गई है। राजस्व न्यायालयों को ‘ऑनलाइन’ किया गया है, जिससे पक्षकार अपने प्रकरणों की जानकारी कहीं भी हासिल कर सकते हैं।
किसानों को पर्याप्त सिंचाई सुविधा देने के लिए सिंचित रकबा 32 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य है, जिसमें से अब-तक 20 लाख 52 हजार हेक्टेयर सिंचाई क्षमता सृजित की जा चुकी है। अभियान ‘लक्ष्य भागीरथी’ के अंतर्गत पहली बार एक वर्ष में लगभग एक लाख 2 हजार हेक्टेयर में नवीन सिंचाई क्षमता सृजित करने में सफलता मिली है। इस वर्ष 107 अधूरी योजनाओं को पूरा किया गया है। छोटी-छोटी 45 सिंचाई योजनाओं का कार्य भी प्रगति पर है। 
हम निरंतर पंचायत राज व्यवस्था को मजबूत कर रहे हैं। इस वर्ष ‘जनपद पंचायत विकास निधि योजना’ शुरू की गई है, जिसमें हर जनपद पंचायत को 50 लाख रू. की अनाबद्ध राशि प्रतिवर्ष अनुदान के रूप में दी जाएगी। 6 जिलों में क्षेत्रीय प्रशिक्षण संस्थाएं, 21 जिलों में जिला पंचायत संसाधन केन्द्र तथा 146 जनपदों में विकासखण्ड पंचायत संसाधन केन्द्र स्थापित किए गए हैं।
ग्रामीण अंचलों के विकास में ‘प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना’ वरदान साबित हुई है। इसके तहत 22 सौ किलोमीटर से अधिक नई सड़कों के निर्माण की स्वीकृति मिली है। पहले बनाई गई सड़कों की चौड़ाई पौने चार मीटर से बढ़ाकर साढ़े पांच मीटर की जाएगी। उत्कृष्ट कार्यों के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार अर्जित करने का श्रेय इस बार धमतरी एवं सुकमा जिला पंचायतों तथा दुर्ग जिले की ग्राम पंचायत टेमरी को मिला है।
अपना घर, हर किसी का सपना ही नहीं, बल्कि परिवार की सुरक्षा और सुविधा का सबसे बड़ा साधन भी होता है। ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ के तहत राज्य के 168 नगरीय निकायों में ढाई लाख आवास बनाने का लक्ष्य है, जिसमें से 40 हजार 870 आवास निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में सवा छह लाख आवास निर्माण का लक्ष्य है, जिसमें से 4 लाख 40 हजार आवास निर्माणाधीन हैं और 20 हजार से अधिक आवास पूर्ण हो चुके हैं। 
गौरव का विषय है कि देश के 681 जिलों में किए गए स्वच्छता सर्वेक्षण में हमारे धमतरी जिले को प्रथम स्थान मिला है। राज्य के 14 हजार 805 गांवों , 8 हजार 454 ग्राम पंचायतों, 100 जनपद पंचायतों, 78 नगरीय निकायों को ‘ओ.डी.एफ.’ घोषित किया जा चुका है। स्वच्छता के लिए अंबिकापुर के जनभागीदारी मॉडल को राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है। अन्य नगरीय निकाय भी यही मॉडल अपना रहे हैं। आपके सहयोग से स्वच्छता का लक्ष्य हम, अन्य राज्यों की तुलना में एक वर्ष पहले, 2 अक्टूबर 2018 तक हासिल कर लेंगे।
प्रदेश के अग्रणी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आदिवासी समाज के गौरव-पुरूष थे। अमर शहीद वीरनारायण सिंह की स्मृति में रायपुर में तथा वीर गुंडाधूर की स्मृति में जगदलपुर में भव्य स्मारक एवं संग्रहालय का निर्माण किया जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ियां इनके व्यक्तित्व तथा कृतित्व से प्रेरणा ले सकें।
अनुसूचित जाति तथा जनजाति के विकास में शिक्षा को सर्वाधिक महत्व दिया गया है। नए प्रयासों के तहत छात्रावास, आश्रम एवं आवासीय संस्थाओं में रहने वाले विद्यार्थियों की शिष्यवृत्ति 900 रू. प्रतिमाह तक कर दी गई है। 52 स्थानों पर छात्रावास-आश्रम भवनों और कबीरधाम एवं नारायणपुर में परीक्षा पूर्व प्रशिक्षण केन्द्र का निर्माण किया जाएगा। ‘प्रयास’ आवासीय विद्यालयों की सफलता को देखते हुए सीटों की संख्या 17 सौ से बढ़ाकर 3 हजार 620 कर दी गई है। अब कक्षा 11वीं के बजाय कक्षा 9वीं से प्रवेश दिया जाएगा। 
तेन्दूपत्ता की तरह अन्य लघु वनोपजों के कारोबार से बिचौलियों को दूर करने के लिए इमली, चिरौंजी-गुठली, महुआ बीज, लाख एवं साल बीज ’समर्थन मूल्य’ पर खरीदने की व्यवस्था की गई है। अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परंपरागत वन निवासियों को वन अधिकार पत्र वितरण में छत्तीसगढ़ अव्वल है, अब इन्हें डिजिटाइज किया जा रहा है। सरगुजा, बस्तर एवं अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरणों की निरंतरता, इनकी सार्थकता का जीवन्त प्रमाण है। नक्सल प्रभावित अंचलों में 81 नई बैंक शाखाएं या एटीएम खोले गए हैं, जो इस अंचल की विकास गतिविधियों में सहायक होंगे। ’प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना’ से 175 अनुसूचित जाति बहुल ग्रामों का विकास किया जा रहा है। भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जयंती पर आयोजनों के लिए विशेष योजना प्रारंभ की गई है।
जनता की अच्छी सेहत से ही राज्य के विकास की गति तय होती है। राज्य के हर हिस्से में और हर नागरिक तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए हमने बड़े पैमाने पर संस्थाएं स्थापित की है। देश में पहली बार हमने ‘स्मार्ट कार्ड’ के माध्यम से प्रत्येक परिवार को निःशुल्क इलाज की सुविधा दी है। दूरस्थ, आदिवासी एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी दूर करने हेतु ‘मुख्यमंत्री मेडिकल फैलोशिप कार्यक्रम‘ प्रारंभ किया गया है। ‘मुख्यमंत्री क्षय पोषण योजना‘ में 30 हजार मरीजों को निःशुल्क पोषण आहार दिया जा रहा है। ‘मुख्यमंत्री बाल-मधुमेह योजना‘ के तहत निःशुल्क इंसुलिन प्रदान की जाएगी। सिकल सेल जांच की सुविधा हर गांव, आंगनवाड़ी केन्द्रों तथा विकासखण्डों में नियमित रूप से मिलेगी।
महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलंबन तथा सुरक्षा संबंधी योजनाओं ने छत्तीसगढ़ को प्रतिष्ठा दिलाई है। किसी संकट में महिलाओं को तात्कालिक सहायता देने हेतु सभी जिलों में ‘वन स्टॉप सेंटर-सखी’ की स्थापना कर दी गई है। 6 हजार आंगनवाड़ी केन्द्रों की गतिविधियों के सुचारू संचालन हेतु ‘संस्कार अभियान‘ शुरू किया गया है। आंगनवाड़ी केन्द्रों में सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग हेतु ‘इस्निप’ परियोजना पर अमल में छत्तीसगढ़ अग्रणी रहा है और पुरस्कार स्वरूप 6 करोड़ 40 लाख रू. प्राप्त हुए हैं।
‘शुचिता योजना‘ में 2 हजार से अधिक शासकीय शालाओं में सेनेटरी नेपकिन उपलब्ध कराने तथा उपयोग-पश्चात नष्ट करने के लिए अलग-अलग मशीनंे दी गई है। ‘महतारी जतन योजना‘ में प्रतिदिन डेढ़ लाख से अधिक गर्भवती महिलाओं को आंगनबाड़ी केन्द्रों में ताजा गर्म तथा पोषक भोजन परोसा जा रहा है। ‘मातृत्व सहयोग योजना’ को 3 जिलों में सफल संचालन के बाद, अब पूरे प्रदेश में लागू किया जा रहा है, जिसमें प्रथम जीवित शिशु के जन्म पर 5 हजार रू. की सहायता राशि माताओं के बैंक खातों में जमा कराई जाती है।
आजादी के बाद महिलाओं की जिंदगी में सुधार के लिए किए गए क्रांतिकारी फैसलों में सर्वाधिक महत्वपूर्ण है उन्हें धुआंमुक्त रसोई उपलब्ध कराना। प्रधानमंत्री जी की इस पहल के अनुरूप हमने 35 लाख घरों को यह लाभ देने का निर्णय तत्काल कर लिया। अब तक हमने 13 लाख रसोई घरों को गैस कनेक्शन के साथ, दो बर्नर वाले चूल्हे और भरे सिलेण्डर प्रदान किए हैं।
हमारे निरन्तर प्रयासों से हर स्तर की पर्याप्त शालाएं स्थापित हो गई हैं। साथ ही हम शत-प्रतिशत दर्ज संख्या के निकट हैं। पढ़ाई को रूचिकर और सुविधाजनक बनाने से ‘ड्रॉप आउट रेट’ में भी काफी कमी आई है। ‘डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम शिक्षा गुणवत्ता अभियान’ अब तीसरे वर्ष में प्रवेश कर रहा है। राज्य के इतिहास में पहली बार एक साथ 11 जिलों में जवाहर नवोदय विद्यालय शुरू किए जा रहे हैं, जिससे प्रदेश के सभी जिलों में ग्रामीण प्रतिभाशाली बच्चों को आवासीय विद्यालय की सुविधा मिलने लगेगी। शत-प्रतिशत साक्षरता के लिए कई नए उपाय किए जा रहे हैं, जिनमें ‘मुख्यमंत्री अक्षर सम्मान योजना’, ‘मुख्यमंत्री शहरी साक्षरता कार्यक्रम’ प्रमुख हैं। राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण, राज्य संसाधन केन्द्र तथा सरगुजा जिले को इस वर्ष राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त हुआ है। 
उच्च शिक्षा में गुणवत्ता और सुविधा बढ़ाने के प्रयोग सफल हुए हैं। ऑनलाइन प्रवेश सुविधा का लाभ पौने चार लाख विद्यार्थियों को मिला है। 50 महाविद्यालयों में स्नातक तथा स्नातकोत्तर स्तर के नए विषय पढ़ाने की व्यवस्था की गई है। कंप्यूटर शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 20 महाविद्यालयों में डी.सी.ए. पाठ्यक्रम शुरू किया गया है। ‘पंचमुखी विकास कार्यक्रम’ से परिसर को स्वच्छ तथा आधुनिक सुविधायुक्त बनाया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ वास्तव में युवा ऊर्जा का गढ़ है। हमारे युवा संस्कारवान, संवेदनशील, लगनशील, मेहनती, जागरूक और उद्यमी हैं। हमने युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा परिसरों को सर्व-सुविधायुक्त बनाने के साथ ही उनके कैरियर निर्माण के हर क्षेत्र पर ध्यान दिया है। हमने युवाओं को कौशल उन्नयन का प्रशिक्षण देने के लिए, देश में सबसे पहले कानून बनाया था, जिसके कारण 3 लाख 62 हजार युवाओं ने कौशल प्रशिक्षण हासिल कर बेहतर रोजगार का रास्ता अपनाया है। नई युवा नीति और नई खेल नीति बनाने के लिए युवा-मन को टटोला गया है और शीघ्र ही ऐसी नीतियां लागू की जाएंगी।
नया भारत गढ़ने हेतु प्रधानमंत्री जी के आव्हान के अनुरूप रायपुर को ‘स्मार्ट सिटी’ का स्वरूप मिलने लगा है। बिलासपुर तथा नया रायपुर का चयन भी ‘स्मार्ट सिटी मिशन’ के तहत किया गया है। ‘मिशन अमृत’ के अन्तर्गत रायपुर, दुर्ग, भिलाई, राजनांदगांव, बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा, अंबिकापुर और जगदलपुर में 17 सौ करोड़ रू. की परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। नागरिक सेवाओं से संबंधित शिकायतों के त्वरित हल हेतु सभी नगरीय निकायों में टोल फ्री ‘निदान 1100‘ सेवा संचालित की जाएगी।
छत्तीसगढ़ को देश की ऊर्जा राजधानी के रूप में प्रतिष्ठा दिलाने और गुणवत्तापूर्ण विद्युत प्रदाय से जनता का सशक्तीकरण करने के लिए 800 से अधिक विद्युत उपकेन्द्र, 1 लाख 11 हजार वितरण ट्रांसफार्मर, 2 लाख 2 हजार किलोमीटर से अधिक पारेषण-वितरण लाइनों की स्थापना की गई है। राज्य में 400
के.व्ही. की उच्चतम क्षमता वाले विद्युत नेटवर्क का नया अध्याय भी शुरू हो चुका है। रायता-जगदलपुर लाइन ऊर्जीकृत कर दी गई तथा 400 के.व्ही के दो उपकेन्द्र जगदलपुर तथा कुरूद में बन रहे हैं। ‘पॉवर सेक्टर’ में प्रयुक्त सामग्रियों के गुणवत्ता-परीक्षण हेतु ‘सेन्ट्रल पॉवर रिसर्च इंस्टीट्यूट’ की स्थापना नया रायपुर में की जा रही है।
स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देते हुए 1 हजार 827 गांव एवं मजरे-टोले सौर ऊर्जा से रोशन किए गए हैं। 4 हजार से अधिक बसाहटों में सोलर पेयजल पम्प एवं 300 सौर जल शुद्धिकरण संयंत्र लगाए गए हैं। वनोपज तथा कृषि उत्पादों के भण्डारण हेतु 30 से अधिक ‘सोलर कोल्ड स्टोरेज’ की स्थापना की गई है। नई सौर ऊर्जा नीति लागू की गई है, जिसके तहत ‘रूफ टॉप सोलर पॉवर प्लांट’ को बढ़ावा देने के लिए ‘मुख्यमंत्री गृह ज्योति योजना’ शुरू की जाएगी।
खदानों की पारदर्शी तथा इलेक्ट्रॉनिक विधि से नीलामी करने में छत्तीसगढ़ राज्य अग्रणी रहा है। प्रधानमंत्री जी की विशेष पहल पर नई नीति से, आजाद भारत के इतिहास में पहली बार खनिज धारित अंचलों के निवासियों को इस बात का एहसास हुआ है कि उनकी धरती के नीचे दबे खनिज संसाधनों का लाभ उन्हें भी मिलेगा। सभी जिलों में ‘जिला खनिज न्यास संस्थान’ स्थापित कर दिया गया है, जिसके माध्यम से खनन संक्रियाओं से प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास हेतु एक हजार करोड़ रूपए से अधिक राशि का उपयोग प्रतिवर्ष किया जाएगा। खनिज एवं खदानों के समग्र प्रबंधन के लिए खनिज ऑनलाइन पोर्टल प्रारंभ किया गया है। खनिज विकास निधि से खनन प्रभावित क्षेत्रों में सड़क, रेल व विमानन सेवाओं के विकास को प्राथमिकता दी गई है, ताकि चहुंओर सम्पर्क सुविधा से प्रदेश का समन्वित-समावेशी विकास हो सके। 
जनता को विकास के अवसरों का लाभ बुनियादी अधोसंरचना के निर्माण से ही मिलता है, इसलिए प्रदेश में सड़क, रेल मार्ग, विमानन सुविधाओं और टेली-कनेक्टिविटी का विस्तार तेजी से किया जा रहा है। जिला मुख्यालयों को चारों ओर से बारहमासी सड़कों और पुल-पुलियों से जोड़ने का विशेष अभियान शुरू किया गया है। 29 हजार करोड़ रू. की लागत से 8 हजार किलोमीटर सड़कों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। साझी पहल और भागीदारी की रणनीति से प्रदेश में 546 किलोमीटर रेलवे लाइनों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। दल्लीराजहरा से जगदलपुर को जोड़ने वाली रेल लाइन इस वर्ष भानुप्रतापपुर तक बन जाएगी।
रायपुर के हवाई अड्डे का विस्तार अन्तरराष्ट्रीय मापदण्डों पर किया गया है। जगदलपुर, अंबिकापुर, रायगढ़ में हवाई अड्डों का विकास किया जा रहा है। दंतेवाड़ा, बीजापुर तथा बलरामपुर में हवाई पट्टियों का निर्माण, प्रत्येक जिले में ‘हेलीपेड’, बस्तर तथा सरगुजा में ईंधन भरने की सुविधा आदि कदमों से राज्य के चारों ओर विमानन सेवाओं का विस्तार सुनिश्चित हुआ है।
बस्तर संभाग का ‘इंफरमेशन हाईवे’ बनाने के लिए बस्तर-नेट परियोजना के तहत ‘ऑप्टिकल फाइबर केबल’ बिछाने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है, जो 125 किलोमीटर तक पूरा हो गया है। ‘संचार क्रांति योजना’ के तहत बीपीएल परिवारों एवं महाविद्यालयों में पढ़ने वाले युवाओं को 45 लाख स्मार्ट फोन वितरित किए जाएंगे। इससे पूरे राज्य में 15 सौ मोबाइल टावरों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त होगा। विभिन्न योजनाओं का लाभ नागरिकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए ‘जनसंवाद परियोजना’ शुरू की गई है, जिससे नागरिकों का एकीकृत डेटाबेस तैयार होगा और सिटीजन कॉल सेंटर द्वारा जनता से सम्पर्क कर योजनाओं की प्रगति व प्रभाव का आकलन किया जाएगा।
औद्योगिक विकास को राज्य की सकारात्मक नीतियों का परिणाम माना जाता है। ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस’ के मापदण्डों में छत्तीसगढ़ पुनः देश में चौथे स्थान पर है। हमने ‘स्टार्ट-अप यूनिट्स’ को प्रोत्साहन देने हेतु विशेष पैकेज लागू किया है। ‘प्रधानमंत्री मुद्रा योजना’ के तहत 2 लाख 33 हजार से अधिक खातों में लगभग 4 हजार करोड़ रू. का ऋण दिया गया है। नया रायपुर में इलेक्ट्रॉनिक मेन्युफेक्चरिंग क्लस्टर, भिलाई में इंजीनियरिंग पॉर्क, धमतरी में फूड पॉर्क स्थापित करने की योजनाएं प्रगति पर हैं। छत्तीसगढ़ को लगातार देश में सर्वाधिक औद्योगिक निवेश हेतु प्रस्ताव मिल रहे हैं, जो प्रमाणित करते हैं कि छत्तीसगढ़ अपार अवसरों की धरती है।
श्रम कल्याण की नई पहल के तहत ‘पं. दीनदयाल उपाध्याय श्रम अन्न सहायता योजना’ शुरू की जाएगी, जिसमें निर्धारित केन्द्रों पर मात्र 5 रूपए में गर्म पका हुआ भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था होगी। कोचियाबंदी से प्रदेश मंे शराब की अवैध बिक्री पर सख्त प्रतिबंध लगा है, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आई है और सामाजिक परिवेश में सकारात्मक सुधार आया है। मैं कोचियाबंदी में सहयोग के लिए जनता को धन्यवाद देता हूं। 
हमने हर तरह के प्रदूषण की रोकथाम हेतु कदम उठाए हैं, जिससे पर्यावरण संरक्षण और हरियाली के विस्तार में मदद मिल रही है। इस वर्ष 8 करोड़ पौधे व्यापक जनभागीदारी से लगाए जा रहे हैं।  धूल तथा धुएं का प्रदूषण रोकने और भूमि की उर्वरता बचाने के लिए खेत में फसल के अवशेष जलाने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
बहनों और भाइयों, हमने छत्तीसगढ़ के विकास हेतु विविध संस्कृतियों, विरासतों, धरोहरों को सहेजते हुए समरस विकास की संभावनाओं के साथ एक अद्भुत समन्वय स्थापित किया है। सभी संभागीय मुख्यालयों में सांस्कृतिक, सामुदायिक और शैक्षणिक गतिविधियों के लिए ‘ऑडिटोरियम’ का निर्माण किया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था की सर्वोच्च प्रतिबद्धता के तहत पुलिस बल में 1 हजार 175 नए पदों की मंजूरी दी गई है, जिससे राज्य का स्वीकृत बल लगभग साढ़े 75 हजार हो गया है। भारत रक्षित वाहिनी में स्थानीय युवाओं की भर्ती हुई है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुगम, सुरक्षित और निर्बाध आवागमन के साथ सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति में तत्काल राहत पहुंचाने के लिए ‘हाइवे-पेट्रोलिंग‘ शुरू की गई है। महाराष्ट्र से लेकर ओडिशा तक 322 किलोमीटर के दायरे में 15 सुसज्जित वाहन तैनात किए गए हैं।
आजाद भारत में आन्तरिक सुरक्षा और लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने की जो राष्ट्र-विरोधी एवं विकास-विरोधी गतिविधियां नक्सलवादियों ने संचालित की हैं, उसका मुकाबला स्थानीय जनता द्वारा सुरक्षा बलों के जवानों के साथ मिलकर दृढ़ता से किया जा रहा है। मैं एक बार पुनः भारत सरकार को धन्यवाद देता हूं, जिसके  मार्गदर्शन एवं सहयोग से नक्सलवादियों के विरुद्ध लड़ाई में व्यापक सफलता मिल रही है। वर्ष 2017 में 299 माओवादियों ने आत्म-समर्पण किया है तथा 599 माओवादियों को सुरक्षा बलों ने गिरफ्तार किया है। मैं आज विशेष तौर पर हमारे सुरक्षा बलों के अमर शहीदों को नमन करता हूं, जो माओवादी हिंसा में शहीद हुए। प्रदेश और देश इन शहीदों का सदैव ऋणी रहेगा। 
भाइयों और बहनों, आपकी मेहनत, लगन और राष्ट्रभक्ति से छत्तीसगढ़ राज्य अपने नवाचारों, रणनीतिक परियोजनाओं और जनहितकारी विकास योजनाओं के कारण एक आदर्श राज्य के रूप में अपनी पहचान बनाने में सफल हुआ है। मुझे विश्वास है कि हम सब मिलकर तीव्र गति से समृद्ध और खुशहाल छत्तीसगढ़ बनाने में भी सफल होंगे।


जय हिन्द।

जय छत्तीसगढ़।